Leviticus 22:18
हारून और उसके पुत्रों से और इस्त्राएल के घराने वा इस्त्राएलियों में रहने वाले परदेशियों में से कोई क्यों न हो जो मन्नत वा स्वेच्छाबलि करने के लिये यहोवा को कोई होमबलि चढ़ाए,
Leviticus 22:18 in Other Translations
King James Version (KJV)
Speak unto Aaron, and to his sons, and unto all the children of Israel, and say unto them, Whatsoever he be of the house of Israel, or of the strangers in Israel, that will offer his oblation for all his vows, and for all his freewill offerings, which they will offer unto the LORD for a burnt offering;
American Standard Version (ASV)
Speak unto Aaron, and to his sons, and unto all the children of Israel, and say unto them, Whosoever he be of the house of Israel, or of the sojourners in Israel, that offereth his oblation, whether it be any of their vows, or any of their freewill-offerings, which they offer unto Jehovah for a burnt-offering;
Bible in Basic English (BBE)
Say to Aaron and to his sons and to all the children of Israel, If any man of the children of Israel, or of another nation living in Israel, makes an offering, given because of an oath or freely given to the Lord for a burned offering;
Darby English Bible (DBY)
Speak unto Aaron, and to his sons, and unto all the children of Israel, and say unto them, Whatever man of the house of Israel, or of the sojourners in Israel, that presenteth his offering for any of his vows, and for any of his voluntary offerings, which they present to Jehovah as a burnt-offering,
Webster's Bible (WBT)
Speak to Aaron, and to his sons, and to all the children of Israel, and say to them, Whoever he may be of the house of Israel, or of the strangers in Israel, that will offer his oblation for all his vows, and for all his free-will-offerings, which they will offer to the LORD for a burnt-offering:
World English Bible (WEB)
"Speak to Aaron, and to his sons, and to all the children of Israel, and say to them, 'Whoever is of the house of Israel, or of the foreigners in Israel, who offers his offering, whether it be any of their vows, or any of their freewill offerings, which they offer to Yahweh for a burnt offering;
Young's Literal Translation (YLT)
`Speak unto Aaron, and unto his sons, and unto all the sons of Israel, and thou hast said unto them, Any man of the house of Israel, or of the sojourners in Israel, who bringeth near his offering, of all his vows, or of all his willing offerings which they bring near to Jehovah for a burnt-offering;
| Speak | דַּבֵּ֨ר | dabbēr | da-BARE |
| unto | אֶֽל | ʾel | el |
| Aaron, | אַהֲרֹ֜ן | ʾahărōn | ah-huh-RONE |
| and to | וְאֶל | wĕʾel | veh-EL |
| his sons, | בָּנָ֗יו | bānāyw | ba-NAV |
| unto and | וְאֶל֙ | wĕʾel | veh-EL |
| all | כָּל | kāl | kahl |
| the children | בְּנֵ֣י | bĕnê | beh-NAY |
| of Israel, | יִשְׂרָאֵ֔ל | yiśrāʾēl | yees-ra-ALE |
| say and | וְאָֽמַרְתָּ֖ | wĕʾāmartā | veh-ah-mahr-TA |
| unto | אֲלֵהֶ֑ם | ʾălēhem | uh-lay-HEM |
| them, Whatsoever | אִ֣ישׁ | ʾîš | eesh |
| אִישׁ֩ | ʾîš | eesh | |
| house the of be he | מִבֵּ֨ית | mibbêt | mee-BATE |
| of Israel, | יִשְׂרָאֵ֜ל | yiśrāʾēl | yees-ra-ALE |
| or of | וּמִן | ûmin | oo-MEEN |
| strangers the | הַגֵּ֣ר | haggēr | ha-ɡARE |
| in Israel, | בְּיִשְׂרָאֵ֗ל | bĕyiśrāʾēl | beh-yees-ra-ALE |
| that | אֲשֶׁ֨ר | ʾăšer | uh-SHER |
| will offer | יַקְרִ֤יב | yaqrîb | yahk-REEV |
| oblation his | קָרְבָּנוֹ֙ | qorbānô | kore-ba-NOH |
| for all | לְכָל | lĕkāl | leh-HAHL |
| his vows, | נִדְרֵיהֶם֙ | nidrêhem | need-ray-HEM |
| all for and | וּלְכָל | ûlĕkāl | oo-leh-HAHL |
| his freewill offerings, | נִדְבוֹתָ֔ם | nidbôtām | need-voh-TAHM |
| which | אֲשֶׁר | ʾăšer | uh-SHER |
| offer will they | יַקְרִ֥יבוּ | yaqrîbû | yahk-REE-voo |
| unto the Lord | לַֽיהוָ֖ה | layhwâ | lai-VA |
| for a burnt offering; | לְעֹלָֽה׃ | lĕʿōlâ | leh-oh-LA |
Cross Reference
व्यवस्थाविवरण 12:6
और वहीं तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दंशमांश, और उठाई हुई भेंट, और मन्नत की वस्तुएं, और स्वेच्छाबलि, और गाय-बैलों और भेड़-बकरियों के पहिलौठे ले जाया करना;
गिनती 15:3
और यहोवा के लिये क्या होमबलि, क्या मेलबलि, कोई हव्य चढ़ावो, चाहे वह विशेष मन्नत पूरी करने का हो चाहे स्वेच्छाबलि का हो, चाहे तुम्हारे नियत समयों में का हो, या वह चाहे गाय-बैल चाहे भेड़-बकरियों में का हो, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो;
लैव्यवस्था 1:2
इस्त्राएलियों से कह, कि तुम में से यदि कोई मनुष्य यहोवा के लिये पशु का चढ़ावा चढ़ाए, तो उसका बलिपशु गाय-बैलों वा भेड़-बकरियों में से एक का हो।
लैव्यवस्था 1:10
और यदि वह भेड़ों वा बकरों का होमबलि चढ़ाए, तो निर्दोष नर को चढ़ाए।
भजन संहिता 116:14
मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें सभों की दृष्टि में प्रगट रूप में उसकी सारी प्रजा के साम्हने पूरी करूंगा।
भजन संहिता 116:18
मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, प्रगट में उसकी सारी प्रजा के साम्हने
सभोपदेशक 5:4
जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना।
योना 1:16
तब उन मनुष्यों ने यहोवा का बहुत ही भय माना, और उसको भेंट चढ़ाई और मन्नतें मानीं॥
योना 2:9
परन्तु मैं ऊंचे शब्द से धन्यवाद कर के तुझे बलिदान चढ़ाऊंगा; जो मन्नत मैं ने मानी, उसको पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से होता है।
नहूम 1:15
देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में हो कर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है॥
प्रेरितों के काम 18:18
सो पौलुस बहुत दिन तक वहां रहा, फिर भाइयों से विदा होकर किंखि्रया में इसलिये सिर मुण्डाया क्योंकि उस ने मन्नत मानी थी और जहाज पर सूरिया को चल दिया और उसके साथ प्रिस्किल्ला और अक्विला थे।
भजन संहिता 66:13
मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा,
भजन संहिता 65:1
हे परमेश्वर, सिय्योन में स्तुति तेरी बाट जोहती है; और तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाएंगी।
लैव्यवस्था 17:10
फिर इस्त्राएल के घराने के लोगों में से वा उनके बीच रहने वाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो किसी प्रकार का लोहू खाए, मैं उस लोहू खाने वाले के विमुख हो कर उसको उसके लोगों के बीच में से नाश कर डालूंगा।
लैव्यवस्था 17:13
और इस्त्राएलियों में से वा उनके बीच रहने वाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो अहेर करके खाने के योग्य पशु वा पक्षी को पकड़े, वह उसके लोहू को उंडेलकर धूलि से ढांप दे।
लैव्यवस्था 23:38
इन सभों से अधिक यहोवा के विश्रामदिनों को मानना, और अपनी भेंटों, और सब मन्नतों, और स्वेच्छाबलियों को जो यहोवा को अर्पण करोगे चढ़ाया करना॥
गिनती 15:14
और यदि कोई परदेशी तुम्हारे संग रहता हो, वा तुम्हारी किसी पीढ़ी में तुम्हारे बीच कोई रहने वाला हो, और वह यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देने वाला हव्य चढ़ाना चाहे, तो जिस प्रकार तुम करोगे उसी प्रकार वह भी करे।
व्यवस्थाविवरण 12:17
फिर अपने अन्न, वा नये दाखमधु, वा टटके तेल का दशमांश, और अपने गाय-बैलों वा भेड़-बकरियों के पहिलौठे, और अपनी मन्नतों की कोई वस्तु, और अपने स्वेच्छाबलि, और उठाई हुई भेंटें अपने सब फाटकों के भीतर न खाना;
व्यवस्थाविवरण 16:10
तब अपने परमेश्वर यहोवा की आशीष के अनुसार उसके लिये स्वेच्छा बलि देकर अठवारों नाम पर्व्व मानना;
भजन संहिता 22:25
बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उससे भय रखने वालों के साम्हने पूरा करूंगा
भजन संहिता 56:12
हे परमेश्वर, तेरी मन्नतों का भार मुझ पर बना है; मैं तुझ को धन्यवाद बलि चढ़ाऊंगा।
भजन संहिता 61:5
क्योंकि हे परमेश्वर, तू ने मेरी मन्नतें सुनीं, जो तेरे नाम के डरवैये हैं, उनका सा भाग तू ने मुझे दिया है॥
भजन संहिता 61:8
और मैं सर्वदा तेरे नाम का भजन गा गाकर अपनी मन्नतें हर दिन पूरी किया करूंगा॥
लैव्यवस्था 7:16
पर यदि उसके बलिदान का चढ़ावा मन्नत का वा स्वेच्छा का हो, तो उस बलिदान को जिस दिन वह चढ़ाया जाए उसी दिन वह खाया जाए, और उस में से जो शेष रह जाए वह दूसरे दिन भी खाया जाए।