सपन्याह 2:15 in Hindi

हिंदी हिंदी बाइबिल सपन्याह सपन्याह 2 सपन्याह 2:15

Zephaniah 2:15
यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, और सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वन पशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास हो कर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।

Zephaniah 2:14Zephaniah 2

Zephaniah 2:15 in Other Translations

King James Version (KJV)
This is the rejoicing city that dwelt carelessly, that said in her heart, I am, and there is none beside me: how is she become a desolation, a place for beasts to lie down in! every one that passeth by her shall hiss, and wag his hand.

American Standard Version (ASV)
This is the joyous city that dwelt carelessly, that said in her heart, I am, and there is none besides me: how is she become a desolation, a place for beasts to lie down in! every one that passeth by her shall hiss, and wag his hand.

Bible in Basic English (BBE)
This is the town which was full of joy, living without fear of danger, saying in her heart, I am, and there is no other: how has she been made waste, a place for beasts to take their rest in! everyone who goes by her will make hisses, waving his hand.

Darby English Bible (DBY)
This is the rejoicing city that dwelt in security, that said in her heart, I am, and there is none else beside me: how is she become a desolation, a couching-place for beasts! Every one that passeth by her shall hiss, shall wave his hand.

World English Bible (WEB)
This is the joyous city that lived carelessly, that said in her heart, "I am, and there is none besides me." How she has become a desolation, a place for animals to lie down in! Everyone who passes by her will hiss, and shake their fists.

Young's Literal Translation (YLT)
This `is' the exulting city that is dwelling confidently, That is saying in her heart, `I `am', and beside me there is none,' How hath she been for a desolation, A crouching-place for beasts, Every one passing by her doth hiss, He doth shake his hand!

This
זֹ֞֠אתzōtzote
is
the
rejoicing
הָעִ֤ירhāʿîrha-EER
city
הָעַלִּיזָה֙hāʿallîzāhha-ah-lee-ZA
that
dwelt
הַיּוֹשֶׁ֣בֶתhayyôšebetha-yoh-SHEH-vet
carelessly,
לָבֶ֔טַחlābeṭaḥla-VEH-tahk
that
said
הָאֹֽמְרָה֙hāʾōmĕrāhha-oh-meh-RA
in
her
heart,
בִּלְבָבָ֔הּbilbābāhbeel-va-VA
I
אֲנִ֖יʾănîuh-NEE
am,
and
there
is
none
beside
וְאַפְסִ֣יwĕʾapsîveh-af-SEE

ע֑וֹדʿôdode
me:
how
אֵ֣יךְ׀ʾêkake
is
she
become
הָיְתָ֣הhāytâhai-TA
a
desolation,
לְשַׁמָּ֗הlĕšammâleh-sha-MA
a
place
for
beasts
מַרְבֵּץ֙marbēṣmahr-BAYTS
to
lie
down
in!
לַֽחַיָּ֔הlaḥayyâla-ha-YA
every
one
כֹּ֚לkōlkole
that
passeth
by
עוֹבֵ֣רʿôbēroh-VARE

עָלֶ֔יהָʿālêhāah-LAY-ha
her
shall
hiss,
יִשְׁרֹ֖קyišrōqyeesh-ROKE
and
wag
יָנִ֥יעַyānîaʿya-NEE-ah
his
hand.
יָדֽוֹ׃yādôya-DOH

Cross Reference

नहूम 3:19
तेरा घाव न भर सकेगा, तेरा रोग असाध्य है। जितने तेरा समाचार सुनेंगे, वे तेरे ऊपर ताली बजाएंगे। क्योंकि ऐसा कौन है जिस पर तेरी लगातार दुष्टता का प्रभाव न पड़ा हो?

यहेजकेल 28:2
हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आप को परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है।

यहेजकेल 28:9
तब, क्या तू अपने घात करने वाले के साम्हने कहता रहेगा कि तू परमेश्वर है? तू अपने घायल करने वाले के हाथ में ईश्वर नहीं, मनुष्य ही ठहरेगा।

यशायाह 47:7
तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा॥

यशायाह 22:2
हे कोलाहल और ऊधम से भरी प्रसन्न नगरी? तुझ में जो मारे गए हैं वे न तो तलवार से और न लड़ाई में मारे गए हैं।

प्रकाशित वाक्य 18:7
जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख-विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी।

मत्ती 27:39
और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे।

यहेजकेल 29:3
यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।

यहेजकेल 27:36
देश देश के व्योपारी तेरे विरुद्ध हथौड़ी बजा रहे हैं; तू भय का कारण हो गई है और फिर स्थिर न रह सकेगी।

विलापगीत 2:15
सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कह कर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परमसुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे?

विलापगीत 2:1
यहोवा ने सिय्योन की पुत्री को किस प्रकार अपने कोप के बादलों से ढांप दिया है! उसने इस्राएल की शोभा को आकाश से धरती पर पटक दिया; और कोप के दिन अपने पांवों की चौकी को स्मरण नहीं किया।

विलापगीत 1:1
जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है।

यिर्मयाह 19:8
और मैं इस नगर को ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इसे देख कर डरेंगे; जो कोई इसके पास से हो कर जाए वह इसकी सब विपत्तियों के कारण चकित होगा और घबराएगा।

यशायाह 32:9
हे सुखी स्त्रियों, उठ कर मेरी सुनो; हे निश्चिन्त पुत्रियों, मेरे वचन की ओर कान लगाओ।

यशायाह 14:4
उस दिन तू बाबुल के राजा पर ताना मार कर कहेगा कि परिश्रम कराने वाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है!

यशायाह 10:12
इस कारण जब प्रभु सिय्योन पर्वत पर और यरूशलेम में अपना सब काम कर चुकेगा, तब मैं अश्शूर के राजा के गर्व की बातों का, और उसकी घमण्ड भरी आंखों का पलटा दूंगा।

भजन संहिता 52:6
तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएंगे, और यह कहकर उस पर हंसेंगे, कि

अय्यूब 27:23
और उस पर ऐसी सुसकारियां भरेंगे कि वह अपने स्थान पर न रह सकेगा।

1 राजा 9:7
तो मैं इस्राएल को इस देश में से जो मैं ने उन को दिया है, काट डालूंगा और इस भवन को जो मैं ने अपने नाम के लिये पवित्र किया है, अपनी दृष्टि से उतार दूंगा; और सब देशों के लोगों में इस्राएल की उपमा दी जायेगी और उसका दृष्टान्त चलेगा।